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भगवद् गीता 1.16: अध्याय 1, श्लोक 16

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भगवद् गीता 1.16: कुन्तीपुत्र राजा युधिष्ठिर ने अनन्तविजय नामक शंख बजाया और नकुल तथा सहदेव ने सुघोष और मणिपुष्पक नामक शंख बजाए।

भगवद् गीता 1.13: अध्याय 1, श्लोक 13

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भगवद् गीता 1.13: इसके बाद शंख, नगाड़े, ढोल और अन्य वाद्य यंत्र एक साथ बज उठे, जिससे बहुत भयंकर और गूंजने वाली ध्वनि उत्पन्न हुई।

भगवद् गीता 1.12: अध्याय 1, श्लोक 12

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भगवद् गीता 1.12: कौरवों के वृद्ध पितामह भीष्म ने दुर्योधन का उत्साह बढ़ाने के लिए सिंह की गर्जना के समान ऊँची ध्वनि से शंख बजाया।

भगवद् गीता 1.10: अध्याय 1, श्लोक 10

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भगवद् गीता 1.10 : हमारी सेना, जो भीष्म पितामह द्वारा संरक्षित है, असीमित (बहुत बड़ी) है, जबकि पाण्डवों की सेना, जो भीम द्वारा संरक्षित है, सीमित है।

भगवद् गीता 1.9: अध्याय 1, श्लोक 9

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भगवद् गीता 1.9 : और भी बहुत से वीर योद्धा हैं, जो मेरे लिए अपने जीवन का त्याग करने को तैयार हैं। वे सभी विभिन्न प्रकार के हथियारों से सुसज्जित और युद्ध कला...

श्री हनुमान चालीसा (जय हनुमान ज्ञान गुन सागर)

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श्री हनुमान चालीसा (जय हनुमान ज्ञान गुन सागर) के संपूर्ण लिरिक्स पढ़ें। यह हनुमान जी की महिमा और शक्ति का प्रसिद्ध पाठ है।

जब नाम जपोगे कृष्णा तो मिटेगी मन की तृष्णा भजन

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जब नाम जपोगे कृष्णा तो मिटेगी मन की तृष्णा भजन के लिरिक्स पढ़ें। यह भजन कृष्ण नाम जप की महिमा और शांति का संदेश देता है।

बड़ी हो रही जय जय कार ओ रही मंदिरवा माँ भजन

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बड़ी हो रही जय जय कार ओ रही मंदिरवा माँ भजन के लिरिक्स पढ़ें। यह माता रानी की महिमा और भक्ति से भरा सुंदर भजन है।

ओ साँवरे तरेगी नैया बिन माझी के जो तू साथ है मेरे भजन

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ओ साँवरे तरेगी नैया बिन माझी के भजन के लिरिक्स पढ़ें। यह भजन कृष्ण पर विश्वास और जीवन की नैया पार लगाने की भावना को दर्शाता है।

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मोहन से दिल क्यों लगाया है ये मैं जानू या वो जाने भजन
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मोहन से दिल क्यों लगाया है ये मैं जानू या वो जाने भजन

मोहन से दिल क्यूँ लगाया है, ये मैं जानू या वो जानेछलिया से दिल क्यूँ लगाया है, ये मैं जानू या वो जाने ॥ हर बात निराली है उसकी, हर बात में है इक टेढापनटेढ़े ...

बड़ी हो रही जय जय कार ओ रही मंदिरवा माँ भजन
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बड़ी हो रही जय जय कार ओ रही मंदिरवा माँ भजन

बड़ी हो रही जय जय कार ओ रही मंदिरवा माँबड़ी हो रही जय जय कार ओ रही मंदिरवा माँ पावन ज्योति की लागे कतार माई तोरे मंदिरवा माँबड़ी हो रही जय जय कार ओ रही मंदि...

वृंदावन की गलियों में राधे राधे गूंजे
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वृंदावन की गलियों में राधे राधे गूंजे

वृन्दावन की कुञ्ज गली में मैं राधे राधे गाउंगी,मैं तो श्यामा श्यामा गाउंगी, पहले मैं बरसाने जाऊ,श्याम श्यामा के दर्शन पाउ,फिर वृन्दावन जाउंगी  राधे राध...

दुर्गा है मेरी माँ अम्बे है मेरी माँ भजन
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दुर्गा है मेरी माँ अम्बे है मेरी माँ भजन

दुर्गा है मेरी माँ,अम्बे है मेरी माँ।। जय बोलो जय माता दी, जय हो,जो भी दर पे आए, जय हो,वो खाली ना जाए, जय हो, सबके काम है करती, जय हो,सबके दुखड़े हरती, जय ह...

भगवद् गीता 1.1: अध्याय 1, श्लोक 1
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भगवद् गीता 1.1: अध्याय 1, श्लोक 1

धृतराष्ट्र उवाच:धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः।मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत सञ्जय॥1॥ Dhritarashtra said:Dharmakshetre Kurukshetre samaveta yuyu...