भगवद् गीता 1.9: अध्याय 1, श्लोक 9

Apr 10, 2026
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📖 Sanskrit Shloka

अन्ये च बहवः शूरा मदर्थे त्यक्तजीविताः।
नानाशस्त्रप्रहरणाः सर्वे युद्धविशारदाः॥9॥

Anye cha bahavah shura mad-arthe tyakta-jivitah।
Nana-shastra-praharanah sarve yuddha-visharadah॥

Slok Meaning:

और भी बहुत से वीर योद्धा हैं, जो मेरे लिए अपने जीवन का त्याग करने को तैयार हैं। वे सभी विभिन्न प्रकार के हथियारों से सुसज्जित और युद्ध कला में निपुण हैं।

There are many other brave warriors who are ready to give up their lives for my sake. All of them are well-equipped with different weapons and are skilled in the art of warfare.

🌍 Real Life Meaning:

यह श्लोक हमें dedication (समर्पण) और commitment की ताकत के बारे में सिखाता है। दुर्योधन यहाँ बता रहा है कि उसकी सेना में ऐसे योद्धा हैं जो उसके लिए अपनी जान तक देने को तैयार हैं।

जीवन में भी, जब लोग किसी लक्ष्य के लिए पूरी तरह समर्पित होते हैं, तो सफलता की संभावना बहुत बढ़ जाती है। केवल skills ही नहीं, बल्कि dedication भी उतना ही जरूरी होता है।

💡 आज के जीवन में:

  • dedication के बिना success संभव नहीं है
  • team में committed लोग होना जरूरी है
  • सिर्फ talent नहीं, commitment भी जरूरी है
  • clear goal से ही लोग पूरी ताकत से काम करते हैं
  • strong mindset ही जीत दिलाता है

📚 Moral Story:

एक कंपनी में दो तरह के कर्मचारी थे — कुछ केवल काम करने के लिए आते थे, और कुछ ऐसे थे जो कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए पूरी मेहनत करते थे।

जब कंपनी मुश्किल समय में आई, तो वही committed लोग आगे आए और extra मेहनत करके कंपनी को बचा लिया।

बाद में कंपनी सफल हुई, और उन्हीं लोगों को सबसे ज्यादा सम्मान और तरक्की मिली।

💡 निष्कर्ष:

सफलता पाने के लिए केवल कौशल नहीं, बल्कि पूरा समर्पण और commitment भी जरूरी होता है।

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