अध्याय 16: दैवासुर संपद विभाग योग
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भगवद् गीता 1.1: अध्याय 1, श्लोक 1
धृतराष्ट्र उवाच:धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः।मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत सञ्जय॥1॥ Dhritarashtra said:Dharmakshetre Kurukshetre samaveta yuyu...
मोहन से दिल क्यों लगाया है ये मैं जानू या वो जाने भजन
मोहन से दिल क्यूँ लगाया है, ये मैं जानू या वो जानेछलिया से दिल क्यूँ लगाया है, ये मैं जानू या वो जाने ॥ हर बात निराली है उसकी, हर बात में है इक टेढापनटेढ़े ...
श्री कृष्ण शिरोमणि श्री राधा जय श्याम संजीवनी श्री राधा भजन
यह अत्यंत सुंदर राधा कृष्ण भजन श्री राधा रानी की महिमा और उनके दिव्य स्वरूप का गुणगान करता है। इस भजन में राधा जी को प्रेम, करुणा और आनंद की स्वरूपिणी के रूप...
पाया मैंने है भगवान सत्संग की है महिमा महान भजन
यह प्रेरणादायक सत्संग भजन सत्संग की महिमा और आत्मज्ञान के महत्व को दर्शाता है। इस भजन में बताया गया है कि सच्चे गुरु और सत्संग के माध्यम से ही मनुष्य भगवान क...
वृंदावन की गलियों में राधे राधे गूंजे
वृन्दावन की कुञ्ज गली में मैं राधे राधे गाउंगी,मैं तो श्यामा श्यामा गाउंगी, पहले मैं बरसाने जाऊ,श्याम श्यामा के दर्शन पाउ,फिर वृन्दावन जाउंगी राधे राध...