भगवद् गीता 1.13: अध्याय 1, श्लोक 13

Apr 10, 2026
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📖 Sanskrit Shloka

ततः शंखाश्च भेर्यश्च पणवानकगोमुखाः।
सहसैवाभ्यहन्यन्त स शब्दस्तुमुलोऽभवत्॥13॥

Tatah shankhash cha bheryash cha panavanaka-gomukhah।
Sahasaivabhyahanyanta sa shabdas tumulo'bhavat॥

Slok Meaning:

इसके बाद शंख, नगाड़े, ढोल और अन्य वाद्य यंत्र एक साथ बज उठे, जिससे बहुत भयंकर और गूंजने वाली ध्वनि उत्पन्न हुई।

Then conches, drums, bugles, and horns were suddenly sounded together, creating a loud and powerful noise.

🌍 Real Life Meaning:

यह श्लोक हमें सिखाता है कि जब सभी लोग एक साथ मिलकर किसी काम को करते हैं, तो उसकी शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। युद्ध के मैदान में सभी वाद्य यंत्रों की संयुक्त ध्वनि ने पूरे वातावरण को ऊर्जा और उत्साह से भर दिया।
जीवन में भी, जब लोग एकजुट होकर काम करते हैं, तो उनका प्रभाव और परिणाम बहुत बड़ा होता है। अकेले की आवाज छोटी हो सकती है, लेकिन मिलकर आवाज बुलंद हो जाती है।

💡 आज के जीवन में:

  • unity से शक्ति कई गुना बढ़ जाती है
  • teamwork से बड़ा impact बनता है
  • collective effort से ही बड़े बदलाव आते हैं
  • मिलकर काम करने से confidence बढ़ता है
  • अकेले से ज्यादा ताकत समूह में होती है

📚 Moral Story:

एक गाँव में पानी की बहुत समस्या थी। हर घर में लोग अलग-अलग कोशिश कर रहे थे, लेकिन किसी को सफलता नहीं मिल रही थी।

फिर पूरे गाँव ने मिलकर एक योजना बनाई। सभी लोगों ने मिलकर एक बड़ा कुआँ खोदने का फैसला किया।

कुछ ही दिनों में उनका काम पूरा हो गया और पूरे गाँव को पानी मिलने लगा।

तब सभी को समझ आया कि जो काम अकेले नहीं हो सकता, वह मिलकर आसानी से किया जा सकता है।

💡 निष्कर्ष:

एकता में बहुत बड़ी शक्ति होती है। जब लोग मिलकर काम करते हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है।

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