सज धज कर बैठी माँ और मंद मंद मुस्काये भजन

Mar 19, 2026
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सज धज कर बैठी माँ, 
और मंद मंद मुस्काये |
आओ नज़र उतारें मैया की, 
कही माँ को नज़र ना लग जाए |

कोई काजल डिब्बी ले आओ,
 मैया को टीका लगा जाओ |
मेरी भोली भाली मैया को ,
भक्तों की नज़र ना लग जाए

जब मैया चलती पग रख कर,
 पाऊँ के घुंघरू बोल रहे|
इस प्यारी प्यारी पायल को ,
कहीं कंजकों की नज़र ना लग जाए

मेरी माँ का मुखड़ा भोला है,
 चुनरी में चंदा लिप्टा है |
इस सुंदर प्यारे मुखड़े को ,
कहीं चंदा की नज़र ना लग जाए

मेरी माँ की लीला न्यारी है, 
तेरी सुन्दर शेर सवारी है.
इस जग की पालनहारी को ,
कहीं खुद की नज़र ना लग जाए

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